अध्याय 03 एक शत्रु के साथ मुठभेड़
सिक्योरिटी चीफ़ ने उसे सिर से पाँव तक शक की नज़र से देखा। “मज़दूरी लेने नहीं आए? नौकरी के लिए अर्ज़ी देने आए हो?”
उसी पल एक तीखी आवाज़ बीच में कटी—“कौन नौकरी के लिए अर्ज़ी दे रहा है?”
सिक्योरिटी चीफ़ तुरंत मुड़ा और अदब से सीधे खड़ा हो गया।
“मैनेजर! इंटरव्यू के लिए कोई आया है!”
जो नया आदमी आया था, उसने महँगा काला सूट पहन रखा था और बड़ी चुस्त-दुरुस्त शक्ल में था।
उसका मूड बेहद खराब लग रहा था। वह सिक्योरिटी चीफ़ पर चिल्लाया, “मैंने सुबह साफ कहा था—नया सीईओ कल आ रहा है और हमें कंपनी की इज़्ज़त-आबरू बनाए रखनी है। तुम किसी भी ऐरे-ग़ैरे को इंटरव्यू के लिए अंदर कैसे आने दे सकते हो?!”
सिक्योरिटी चीफ़ ने सिर झुका लिया, बोलने की हिम्मत नहीं हुई।
टिम एचआर मैनेजर था, अपनी बदमिज़ाजी के लिए मशहूर—कोई उससे उलझने की जुर्रत नहीं करता था।
टिम की नज़र राइडर पर पड़ी और कुछ सेकंड के लिए ठहर गई। “राइडर?”
“टिम!”
दोनों हाई स्कूल में साथ पढ़ते थे।
तब कुछ हुआ था, और उसके बाद से उनका रिश्ता बहुत खराब था।
राइडर को समझ आ गया कि मेपल रियल एस्टेट का एचआर मैनेजर टिम ही है।
तभी तो फिर से टकरा गए।
टिम ने बनावटी घृणा दिखाते हुए नाक दबाई। “तभी सोचूँ, लॉबी में कूड़े जैसी बदबू क्यों आ रही है। सड़क से कोई आवारा कुत्ता भटकता हुआ घुस आया होगा!”
राइडर की भौंह हल्की-सी तन गई। “ज़ुबान संभालकर।”
टिम ने हँसकर तिरस्कार किया, “तुझे पता भी है ये जगह कैसी है? मुझसे ऐसे बात करने की हिम्मत कैसे हुई?”
“मेपल रियल एस्टेट। इसमें क्या?” राइडर ने जवाब दिया।
टिम ने हाथ पीठ पीछे बाँधे और सिक्योरिटी चीफ़ को हुक्म दिया, “इसे बताओ मैं कौन हूँ।”
सिक्योरिटी चीफ़ तनकर खड़ा हुआ और गंभीरता से बोला, “ये हमारे मेपल रियल एस्टेट के एचआर मैनेजर हैं, कंपनी में सभी कर्मचारियों की भर्ती और निकासी इनके ही हाथ में है!”
टिम ने संतोष से सिर हिलाया। “सुना? मेरी मंज़ूरी के बिना तुम जितनी मिन्नतें कर लो, यहाँ नौकरी नहीं मिलेगी। ये कोई कूड़ाघर नहीं है।”
राइडर ने अर्थपूर्ण ढंग से सिर हिलाया। “काफी ताकत है।”
“अच्छा है, समझ आ गया।”
टिम की आँखों में चालाकी की एक चमक आई। फिर उसने भौंहें सिकोड़कर आसपास खड़े सिक्योरिटी गार्ड्स से कहा, “इसका मज़ाक मत उड़ाओ। ये मेरा हाई स्कूल का क्लासमेट है। तब पढ़ाई पर ध्यान नहीं देता था और खुद ही मुसीबतों में पड़ता रहता था। क्लास मॉनिटर होने के नाते मैंने कई साल इसका ख्याल रखा, लेकिन इसमें ज़रा भी सुधार नहीं आया। आज हमारे बीच का फर्क देखो—सच में निराशा होती है।”
सिक्योरिटी चीफ़ तुरंत हाँ में हाँ मिलाने लगा, “मैनेजर, आपने तो बहुत किया। कमी तो उसी में थी। जैसा है, वैसा ही हकदार है!”
टिम ने सिर हिलाया और राइडर से गंभीरता से बोला, “ये सब तुमने खुद अपने लिए किया है। सच कहूँ तो मुझे दूसरों के मामलों में टाँग अड़ाने का शौक नहीं, लेकिन तुम यहाँ आ ही गए हो तो मैं अनदेखा भी नहीं कर सकता। कंपनी को एक सफाईवाला चाहिए जो टॉयलेट घिस-घिसकर साफ करे—महीने के दो हज़ार डॉलर। ये नौकरी तुम्हारे लिए एकदम सही है।”
सिक्योरिटी चीफ़ चापलूसी करने लगा, “मैनेजर, आप कितने नेक और इंसाफ़पसंद हैं!”
राइडर बस मुस्कुरा सका। टिम साफ उसे ज़लील कर रहा था—पूरा का पूरा पाखंडी।
टिम ने घड़ी देखी और सुरक्षा प्रमुख से कहा, “मेरे पास और काम हैं। मेरे पुराने क्लासमेट को तुम्हारे हवाले छोड़ता हूँ।”
सुरक्षा प्रमुख ने दाँत दिखाकर हँसते हुए कहा, “समझ गया!”
टिम पलटा और कंपनी से बाहर निकल गया, राइडर को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करते हुए।
टिम की जाती हुई पीठ को देखते हुए राइडर होंठों पर हल्की-सी मुस्कान लाया और सोच में डूब गया।
उसी वक्त कंपनी के सामने एक टोयोटा आकर रुकी। एक आदमी उतरा—गले में मोटी सोने की चेन, मुँह में टूथपिक से दाँत कुरेदता हुआ—पूरा गुंडे जैसा।
“राइडर? तुम यहाँ क्या कर रहे हो?” यह टॉम था।
सुरक्षा प्रमुख आगे बढ़ा और हँसकर बोला, “बॉस, ये लड़का नौकरी के लिए आया है। मैं इसे टॉयलेट साफ करवाने लगा हूँ!”
“टॉयलेट साफ?” टॉम ठहाका मारकर हँसा। “लगता है कल जो इस पर पेशाब हुआ, वो कम पड़ गया। आज ये यहाँ हग्गू-पीग्गू खाने-पीने आया है!”
सब हँस पड़े। लॉबी ठहाकों से गूँज उठी।
लेकिन राइडर शांत रहा। “टॉम, तुम्हें डर नहीं लगता कि मैं तुम्हारी शिकायत कर दूँ? मज़दूरों की तनख़्वाह गैरकानूनी तरीके से रोकना। मेपल रियल एस्टेट को पता चला तो वो तुम्हारी पक्की ऑडिट कराएगा।”
“शिकायत?!” टॉम ने उसे ऐसे देखा जैसे वो कोई बेवकूफ हो। “तुम पागल हो क्या?! कर के देख लो। मैं तुमसे रत्ती भर नहीं डरता!”
“क्यों?”
सुरक्षा प्रमुख ने तिरस्कार से कहा, “तुम्हें शायद पता नहीं। हमारे बॉस, मेपल रियल एस्टेट के फाइनेंस मैनेजर के कज़िन हैं। तुम्हें लगता है तुम इन्हें रिपोर्ट कर दोगे?”
टॉम ने सुरक्षा प्रमुख की तरफ हाथ हिलाया और आत्मतुष्ट मुस्कान के साथ बोला, “श्श… थोड़ा लो-की, लो-की।”
पर उसकी शक्ल पर घमंड टपक रहा था।
टॉम ने धीमे से सुरक्षा प्रमुख से कहा, “अभी-अभी कज़िन से बड़ी खबर मिली है। नई सीईओ आज जल्दी विज़िट पर आ रही है। मैं पहले आ गया, अच्छा इम्प्रेशन बनाने और आवारागर्दों को बाहर निकालने!”
“सच में?!”
सुरक्षा प्रमुख चौंक गया, फौरन अपनी वर्दी ठीक की और एकदम तनकर खड़ा हो गया।
उसने अपने दो आदमियों को आदेश दिया, “पहले इसे टॉयलेट साफ करवाने ले जाओ!”
टॉम ने ज़हर भरी आवाज़ में जोड़ा, “इसे चाटकर चमकवाओ! इस कूड़े को वही स्वाद पसंद है। एकदम चमचमाते चाहिए!”
“समझ गया!”
दोनों गार्ड हँसते हुए आगे बढ़े, राइडर की बाँहें पकड़ीं और उसे घसीटते हुए वॉशरूम की तरफ ले गए।
राइडर ने विरोध नहीं किया। बस दोनों गार्डों से शांत स्वर में बोला, “मेरी बात मान लो, आज उनके आदेश मानना तुम्हारी सबसे बड़ी गलती होगी।”
“चुप! नाटक बंद कर!” उनमें से एक ने राइडर के सिर के पीछे थप्पड़ जड़ दिया।
राइडर ने बस हल्की-सी कराह निकाली और आगे कुछ नहीं बोला।
वे जैसे ही गए, लिफ्ट से लोगों का एक समूह बाहर आया।
वे सब मेपल रियल एस्टेट के सीनियर अफसर थे। सबसे आगे एक महिला थी—फॉर्मल बिज़नेस ड्रेस में, लगभग 168 सेंटीमीटर लंबी, काली हाई हील्स और स्टॉकिंग्स पहने, करीब सत्ताईस साल की। बेमिसाल खूबसूरत, दिलकश, परिपक्व और बेहद आकर्षक।
“वाइस प्रेसिडेंट!”
उसे देखते ही सारे गार्ड और कर्मचारी आदर से झुक गए।
यह सोफिया एंडरसन थी, मेपल रियल एस्टेट की वर्तमान वाइस प्रेसिडेंट।
सोफिया ने भीड़ पर नज़र दौड़ाई और पूछा, “क्या किसी ने मिस्टर क्लार्क को देखा है?”
